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क्राइम

कर्नाटक में 94 करोड़ रुपये का घोटाला: बैंक अधिकारी से लेकर सरकारी बाबू तक शामिल

कर्नाटक में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें 94 करोड़ रुपये का गबन सामने आया है। इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि ट्राइब्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सुपरिनटैंडैंट पी. चंद्रशेखर ने अपने घर में सुसाइड कर लिया। उन्होंने सुसाइड नोट में 187 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र किया और बताया कि कॉर्पोरेशन के सीनियर अधिकारी, मंत्री और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मैनेजर उन पर कॉर्पोरेशन का फंड ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे।

घोटाले का खुलासा और सुसाइड

पी. चंद्रशेखर की सुसाइड के बाद, कर्नाटक में 94 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ। यह पैसा शेड्यूल ट्राइब्स के लिए आवंटित था, जिसे फर्जी साइन से गायब कर दिया गया। यह फंड कर्नाटक से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश भेजा गया।

राजनीतिक उथल-पुथल

यह मामला लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर यह पैसा चुनाव के लिए दूसरे राज्यों में भेजा गया। विवाद बढ़ने पर कर्नाटक सरकार के शेड्यूल ट्राइब्स वेलफेयर मिनिस्टर बी. नागेंद्र ने 6 जून को इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 187 करोड़ रुपये में से कितने का घोटाला हुआ है।

SIT और CBI की जांच

फिलहाल, SIT और CBI दोनों ही इस मामले की जांच कर रही हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि इस घोटाले में बैंक अधिकारी से लेकर सरकारी बाबू तक शामिल हैं। चंद्रशेखर की पत्नी कविता ने पहली बार भास्कर से बात कर पूरी कहानी बताई और बताया कि उनके पति पर काफी दबाव था और वे तीन महीने से परेशान थे।

संस्था का उद्देश्य और कार्य

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि ट्राइब्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड एक सरकारी संस्था है जो इंडियन कंपनीज एक्ट 1956 के तहत बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्राइबल कम्युनिटी का विकास करना है। यह संस्था सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के लिए स्कीम्स लॉन्च करती है, स्किल ट्रेनिंग प्रदान करती है और सब्सिडी पर लोन देती है।

चंद्रशेखर की पत्नी का बयान

पी. चंद्रशेखर की पत्नी कविता ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया, ‘वो 3 महीने से काफी परेशान चल रहे थे। चुप रहने लगे थे। किसी से बात नहीं करते थे। हर वीकेंड पर वे बेंगलुरु से शिवमोगा आते थे, लेकिन ऑफिस की बातों का घर में जिक्र नहीं करते थे।’

कविता ने कहा, ‘सुसाइड नोट में उन्होंने कॉर्पोरेशन के सीनियर अधिकारियों, मंत्री और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मैनेजर पर आरोप लगाए हैं। मैं इंसाफ चाहती हूं। मेरे पति को जिस-जिसने भी परेशान किया और उन पर दबाव बनाया, उन सभी के नाम सुसाइड नोट में लिखे हैं। मंत्री समेत कई बड़े अधिकारी इसमें शामिल हैं। उन्हें सजा मिले।’

फर्जी सिग्नेचर से फंड ट्रांसफर

कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ए. राजशेखर ने 29 मई को मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेशन के अकाउंट से 94 करोड़ रुपये अवैध तरीके से ट्रांसफर किए गए। ये फंड फर्जी सिग्नेचर से अलग-अलग अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए।

बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला

राजशेखर ने बताया, ‘मैंने इस बारे में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर को इन्फॉर्म किया। इसके बाद बैंक ने 5 करोड़ रुपये कॉर्पोरेशन के अकाउंट में वापस ट्रांसफर किए। बैंक से CCTV फुटेज दिखाने की बात की गई, लेकिन बैंक ने इनकार कर दिया। इसके बाद कॉर्पोरेशन ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर को इन्फॉर्म किया।’

पुलिस ने बैंक के कुछ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। राज्य सरकार ने जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की डिप्टी जनरल मैनेजर महेशा जे की शिकायत पर 3 जून को CBI ने केस रजिस्टर्ड किया है।

फर्जी बैंक अकाउंट्स खोलकर फंड ट्रांसफर

जांच में पाया गया कि जिन 15 अकाउंट्स में अवैध तरीके से फंड ट्रांसफर किया गया, उनमें से 9 अकाउंट 31 मार्च को ही खोले गए थे। ये सभी हैदराबाद के RBL बैंक के हैं। ये अकाउंट्स कुछ ऑर्गेनाइजेशन के नाम पर खोले गए थे।

SIT ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि ट्राइब्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व एमडी जेजे पद्मनाभ, अकाउंट्स ऑफिसर परशुराम और फर्स्ट फाइनेंस क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैन सत्यनारायण को गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि सत्यनारायण के जरिए ही फर्जी बैंक अकाउंट्स खोले गए थे।

राजनीतिक आरोप और सरकार की प्रतिक्रिया

यह घोटाला कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। बीजेपी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि फाइनेंस मिनिस्ट्री के अप्रूवल के बिना इतना बड़ा करप्शन नहीं हो सकता। वहीं, जेडीएस लीडर और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस फंड का इस्तेमाल चुनाव के लिए किया गया है।

Janvi Express News

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